Poppy Seeds | खसखस – बेजोड़ हर्ब के औषधीय गुण एवं फायदे
कुछ पौधों की तासीर ऐसी होती है कि वो चिलचिलाती धूप और गर्मी में भी ठंडक और राहत देते हैं। इन्हीं पौधों की श्रेणी में खसखस भी आता है। Poppy Seeds (खसखस) एक बेजोड़ हर्ब है, जिसके अनेक औषधीय गुण एवं फायदे हैं। यह दो साल से ज्यादा की उम्र वाला सदाबाहर घासनुमा पौधा होता है। भारत में हज़ारों सालों ( लगभग 3000 वर्षों) से खस खस की खेती होती चली आ रही है।

खसखस के खेत
Poppy Seeds Important Facts – खसखस के महत्वपूर्ण तथ्य
वैज्ञानिक नाम — वेटिवेरिया जिजेनियाएड्स/ पापेवेर सोम्निफ़ेरुम
वंश — पोएसी
अंग्रेजी नाम — वेयिवेर / Poppy Seeds
संस्कृत नाम — उशीर
हिंदी नाम — खस
स्वाद — मधुर
तासीर — ठंडा
दोषों पर प्रभाव — कफ और पित्त को शांत करता है

खसखस का फूल ( Poppy flower)
Poppy Seeds Nutritional Value – कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं
खसखस में बहुत से पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन, मैंगनीज, कॉपर, फॉस्फोरस, जिंक, थाइमिन जैसे खनिजों के अलावा फाइबर भी पाए जाते हैं। इसके साथ प्रोटीन्स और ओमेगा 6, ओमेगा 9 और ओमेगा 3 फैटी एसिड्स भी पाए जाते हैं जो कि ह्रदय के लिए बहुत लाभदायक होते हैं। इसमें कुछ मात्रा अल्फ़ा लिनोलेनिक एसिड भी पाया जाता है।
खसखस में दर्द निवारक तत्व भी पाए जाते हैं जैसे- मॉर्फिन( morphine), कौडीन( Codeine), थेबेने( Thabaine) तथा अन्य ओपियम अल्कॅलॉइड्स(Opium alkaloids) यह दर्द निवारक तो है, इसके साथ नींद को भी बढ़ाता है।

पॉपी सीड ( खसखस ) हेड
Poppy Seeds Medicinal Value – कौन से औषधीय गुण पाए जाते हैं
खसखस अनेक पोषक तत्वों के साथ औषधीय गुण भी रखता है। इसमें एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल, एनाल्जेसिक, डायूरेटिक गुण पाए जाते हैं। इसके अलावा यह एक अच्छा एंटीऑक्सीडेंट भी है। एंटीइंफ्लेमटरी, एंटीअर्थराइटिस और एंटीकैटालेप्टिक गुणों से भी भरा होता है।

ओपियम खसखस ( opium )
Types – कितने प्रकार की है
खसखस अनेक प्रकार की होती है। विभिन्न भोगौलिक स्थितियों के हिसाब से इसका रंगरूप अलग-अलग होता है। यूरोप में मिलने वाली खसखस का रंग नीला होता है, जबकि भारत और एशिया में सफ़ेद रंग की खसखस मिलती है। इसके अलावा खसखस की कुछ किस्म(opium ) से अफीम भी बनाया जाता है।
Farming – खेती कहाँ होती है ?
खसखस की खेती भारत के अलावा यूरोपीय देशों में, ऑस्ट्रेलिया, तुर्की और एशिया में भी होती है। यदि भारत की बात करें तो इसकी खेती पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बंगाल एवं दक्षिण भारत में होती है।

खसखस के बीज
Benefits Of Poppy Seeds – खसखस खाने के फायदे
Pain Reliever – दर्दनिवारक के रूप में
खसखस में एंटीइंफ्लेमटरी(anti inflammatory) और एनाल्जेसिक(analgesic) गुण पाए जाते हैं। इन गुणों की वजह से यह दर्द को ख़त्म करने के साथ शरीर की सूजन को भी कम करता है। मांसपेशियों का दर्द हो या जोड़ों का दर्द या हमारे नर्वस सिस्टम सम्बंधित हर दर्द में लाभ पहुंचाता है।
For Insomnia – अनिद्रा के लिए
नींद न आने की समस्या (insomnia) अकसर आजकल देखने को मिलती है। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप खसखस व मिश्री का पाउडर बना ले और रात में गर्म दूध के साथ 1 छोटा चम्मच लेने से अच्छी नींद आती है। इसमें पाए जाने वाले तत्व न्यूरोट्रांस्मीटर को उत्पन्न करते हैं जिससे मस्तिष्क सुचारु रूप से काम करता है।
For Heart – ह्रदय के लिए
खसखस ह्रदय को मजबूती प्रदान करता है। इसमें पाए जाने वाले ओमेगा 6 फैटी एसिड, ओमेगा 9 फैटी एसिड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करके हृदय की बिमारियों से बचाता है। इसमें अल्फ़ा लिनोलेनिक एसिड भी पाया जाता है। यह भी कोलेस्ट्रॉल एवं हाई ब्लड प्रेशर को कम करके हार्ट अटैक से बचाता है।
For Joint Pain and Bones – जोड़ों के दर्द एवं हड्डियों के लिए
खसखस में इंफ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक गुण पाए जाते हैं, जो जोड़ो के दर्द एवं सूजन को कम करता है। इसके अलावा इसमें कैल्शियम और फॉस्फोरस भी पाए जाते हैं, यह खनिज लवण हड्डियों की मजबूती के लिए बहुत आवश्यक है। खसखस में मैंगनीज भी पाया जाता है जो कि कोलेजन बनाने में मदद करता है।
For Mouth Sores – मुंह के छालों के लिए
खसखस की तासीर ठंडी होती है, जिसकी वजह से यह मुंह के छालों को ठीक करने में मदद करती है। पेट में गर्मी या पित्त की अधिकता के कारण मुंह के छाले या अल्सर हो जाते हैं।
For Skin Diseases – त्वचा सम्बंधित रोगों में
खसखस त्वचा से सम्बंधित रोग जैसे संक्रमण, सूजन एवं खुजली आदि में बहुत लाभप्रद होता है। इसके एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीइन्फ्लैमटरी गुणों की वजह से यह त्वचा को ठीक करता है।
खसखस पाउडर में थोड़ा शहद एवं निम्बू के रस की कुछ बूंदे मिलाकर लगाने से त्वचा संक्रमण में राहत मिलती है।
To Increase Immunity – इम्युनिटी बढ़ाने के लिए
यह इम्युनिटी बढ़ाने के लिए भी सर्वोत्तम है क्योंकि इसमें बहुत से मिनरल्स पाए जाते हैं। जैसे- आयरन (RBCs) लाल रक्त कणिकाओं का निर्माण कर शरीर में ऑक्सीजन ले जाने में सहायक होता है। इसके साथ जिंक नई कोशिकाओं के निर्माण में मदद करता है।
For Brain – मस्तिष्क के लिए
विभिन्न खनिज लवणों (minerals ) के उपस्थित होने के वजह से यह मस्तिष्क को स्वस्थ्य रखता है। डिप्रेशन एवं स्ट्रेस लेवल को कम करता है। यह मिनरल्स न्यूरॉन्स की कार्य क्षमता और उनके विकास में मदद करता है।
Constipation Relief – कब्ज़ से राहत
खसखस में फाइबर भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो पाचन तंत्र को सुचारु रूप से काम करने में मदद करते हैं। इसके प्रतिदिन उचित मात्रा में सेवन करने से आप कब्ज़ की समस्या से भी निज़ाद पा सकते हैं।
For Respiratory System – श्वसन तंत्र के लिए
श्वसन सम्बंधित रोग जैसे अस्थमा या अन्य सांस के रोगों में खसखस बहुत लाभदायक होता है। इसमें उपस्थित जिंक फेफड़ों को स्वस्थ्य रखने में मदद करता है। विषाक्त पदार्थों को बहार निकालने में भी खसखस लाभप्रद होता है।
For Hairs – बालों के लिए
खसखस का इस्तेमाल आप बालों के लिए भी कर सकती हैं। यदि आपके बाल अधिक झड़ रहें हैं तो आप खसखस को नारियल तेल में हल्की आंच पर 10 से 15 मिनट पकाकर बालों में लगा सकती हैं। इसमें जिंक और अन्य मिनरल्स उपस्थित होने के कारण यह तेल बालों की जड़ों को मजबूत करेगा।
Poppy Seeds Other Uses – खसखस अनेक उपयोग
खसखस के दैनिक जीवन में भी अनेक उपयोग हैं —
Poppy Seed Oil – खसखस का तेल
खस का तेल, खस की जड़ से मिलता है। इसका इस्तेमाल परफ्यूम, रूम फ्रेशनर्स, साबुन एवं शैम्पू आदि सौंदर्य प्रसाधनों में किया जाता है। आप यह कह सकते हैं कि कॉस्मेटिक इंडस्ट्री और परफ्यूम इंडस्ट्री दोनों में ही खस ऑयल का प्रयोग होता है।
Poppy Seed Syrup – खसखस का शरबत
गर्मियों से राहत पाने के लिए खस का शरबत एक बहुत ही अच्छा पेय है। इसमें शरीर के अंदर पानी को बनाए रखने के गुण होते हैं या आप कह सकते हैं कि यह बॉडी को हाइड्रेट करता है। इसकी तासीर ठंडी होती है और मिनरल्स से भरपूर होने की वजह से यह गर्मियों का एक सर्वोत्तम पेय है।
Flavouring Agent – खसखस फ्लेवरिंग एजेंट के रूप में
इसका प्रयोग विभिन्न व्यंजनों एवं पेय पदार्थों का स्वाद बढ़ाने में भी किया जाता है। आजकल यह बाज़ार में सीरप के रूप में भी उपलब्ध रहता है जिसका प्रयोग आप मिल्क शेक एवं लस्सी में स्वाद बढ़ाने के लिए भी कर सकते हैं।

पॉपी सीड रोल
खसखस का प्रयोग मिठाइयां बनाने, गार्निशिंग करने में, सब्ज़ियों की ग्रेवी बनाने में तथा विभिन्न व्यंजन बनाने मं प्रयोग किया जाता है।
खसखस का पौधा मिट्टी के कटाव को रोकता है :
खसखस के पौधे का एक विशेष गुण यह भी है कि यह मिट्टी के कटाव को रोकने में मदद करता है। घास की दूसरी प्रजातियों की तरह यह ज़मीन पर जड़ों का जाल नहीं बिछाता है, बल्कि इसकी जड़े ज़मीन में 2-4 मीटर की गहराई तक जाती हैं। जिन देशों की अर्थव्यवस्था कृषि पर निर्भर है, वहां अपने सदाबहार गुणों के कारण खस खस किसानों के लिए वरदान की तरह है।
खसखस ग्रास
खसखस की उचित मात्रा क्या है :
खसखस अनेक पोषक तत्वों और औषधीय गुणों से भरपूर है। इसके बावजूद हमें इसको उचित मात्रा में ही सेवन करना चाहिए। क्योंकि इसका अधिक सेवन लाभ की जगह हानि पहुंचा सकता है।
वाह्य प्रयोग :
यदि आप वाह्य प्रयोग के लिए खसखस का पाउडर इस्तेमाल कर रहें हैं तो सिर्फ 2-6 ग्राम और खसखस एसेंशियल ऑयल 2-6 बूँदें कर सकते हैं।
आंतरिक प्रयोग :
खसखस का इस्तेमाल यदि खाने के लिए करना हो जैसे गर्मियों में शरबत के रूप में तो इसकी मात्रा 20-30 ml तक दिन में दो बार ली जा सकती है। चूर्ण के रूप में ले रहे हैं तो 1-2 ग्राम दिन में दो बार तक ले सकते हैं।
Suitable Season – खसखस का प्रयोग किस मौसम में करें
इसकी तासीर ठंडी होती है। अतः इसका इस्तेमाल गर्मियों में करना श्रेष्ठ रहता है। सर्दियों और बरसात में इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए।
Poppy Seeds Precaution – खसखस क्या सावधानियाँ हैं
सर्वप्रथम Poppy Seeds (खसखस) का सेवन उचित मात्रा में ही करना चाहिए। यदि आप इसका प्रयोग एक निश्चित मात्रा से ज्यादा करते हैं तो श्वसन सम्बंधित और ह्रदय सम्बंधित परेशानियां हो सकती हैं।
यदि आप अल्कोहल लेते हैं, तो खसखस का प्रयोग न करें।
गर्भवती महिलाओं को तथा जो माँ दूध पिलाती हैं उन्हें भी इसका इस्तेमाल सिर्फ डॉक्टर की सलाह लेकर ही करना चाहिए।
सर्दी लगने या खांसी होने पर इसका सेवन करने से बचना चाहिए। क्योंकि इसकी तासीर ठंडी होती है।
Conclusion – निष्कर्ष
इस लेख को पढ़कर आप यह तो जान ही गए होंगे, कि खसखस वास्तव में एक बेजोड़ हर्ब है, जिसके अनेक औषधीय गुण एवं फायदे हैं। बस इसका सेवन करते समय उचित मात्रा एवं मौसम का ध्यान रखना चाहिए।
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